लग्न वह राशि होती है जो की बालक के समय पूर्व दिशा में उदित हो रही होती है | जैसे जन्म के समय पूर्व में सिंह राशि उदय हो रही है तो लग्न भाव अर्थात पहले भाव में सिंह राशि (5) आएगी | लग्न कुंडली का पहला भाव होता है | अतः पहला भाव में सिंह राशि, दूसरे में कन्या (6) इत्यादि |

लग्न से ही जातक के व्यक्तित्व का पता लगाया जाता है | लग्न ही सम्पूर्ण शरीर की अवस्था, संचालन में सहायक होती है | लग्न कुंडली का सबसे मजबूत भाव होता है क्योंकि यह केंद्र और त्रिकोण दोनों में गिनी जाती है |

लग्न मोटे तौर पर दो घंटे में बदल जाती है | लेकिन 12 राशियों में सभी राशियों की समयावधि 2 घंटे की नहीं होती | इसी अनुसार को राशियों का दीर्घ और लघु वर्गीकरण किया गया है | मकर से मिथुन तक की राशि (10,11,12,1,2,3) राशियाँ लघु राशियाँ कहलाती हैं और कर्क से धनु तक की राशि (4,5,6,7,8,9) दीर्घ कहलाती है | इसको निम्न उदाहरण से समझते हैं :-
मेष और मीन – 1 घंटा 20 मिनट
वृषभ और कुम्भ – 1 घंटा 36 मिनट
मिथुन और मकर – 1 घंटा 50 मिनट
कर्क और धनु – 2 घंटा 19 मिनट
सिंह और वृश्चिक – 2 घंटा 34 मिनट
कन्या और तुला – 2 घंटा 21 मिनट
महत्वपूर्ण टिप्पणी
ये समयावधियाँ सामान्य शिक्षण उद्देश्यों के लिए दी जाती हैं। वास्तविक लग्न अवधि जन्म स्थान (अक्षांश-देशांतर), तिथि तथा स्थानीय समय के अनुसार बदल सकती है। इसलिए किसी व्यक्ति का सटीक लग्न निर्धारित करने के लिए जन्म समय और जन्म स्थान के आधार पर गणना की जाती है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख केवल शैक्षिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। ज्योतिष एक मार्गदर्शन का माध्यम है और इसे किसी कानूनी, वित्तीय, चिकित्सा या पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। सभी चित्र ChatGPT से निर्मित कराए गए हैं |विस्तृत जानकारी के लिए कृपया हमारे Disclaimer Page को देखें।