विवाह (marriage)

विवाह का सामाजिक स्वरूप एवं प्राचीन काल में विवाह के प्रकार

भूमिका भारतीय संस्कृति में ‘विवाह’ केवल दो व्यक्तियों का मिलन या एक कानूनी अनुबंध नहीं है, बल्कि यह एक अत्यंत पवित्र ‘संस्कार’ है। प्राचीन ऋषियों ने मानव जीवन को व्यवस्थित करने के लिए 16 संस्कारों का विधान किया था, जिनमें विवाह संस्कार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। सरल शब्दों में कहें तो विवाह वह […]

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विवाह का ज्योतिषीय आधार: शास्त्रीय ग्रंथों के अनुसार संपूर्ण शोध

भूमिका: विवाह का ज्योतिषीय और आध्यात्मिक स्वरूप वैदिक संस्कृति में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो आत्माओं का ‘धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष’ की प्राप्ति हेतु एक पवित्र अनुबंध है। ज्योतिष शास्त्र में विवाह को ‘दाम्पत्य सुख’ के रूप में देखा जाता है, जो जातक के संपूर्ण जीवन की दिशा निर्धारित करता

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